Salmo 129 के बारे में
बेहतरीन भजन!
1 मैं लड़कपन ही से अकसर अन्धेर सहता आया हूँ; इस्राइल को इसे दोहराने दें:
2 मेरे बचपन से लेकर अब तक वे मुझ पर बहुत बार अन्धेर करते आए हैं, परन्तु वे मुझ पर कभी प्रबल न हुए।
3 उन्होंने मेरी पीठ में हल जोता, और लम्बी लम्बी फुंदियां बनाईं।
4 यहोवा धर्मी है! उसने मुझे दुष्टों की बेड़ियों से छुड़ाया।
5 सिय्योन के सब बैरी लज्जित होकर लौट आएं;
6 छत पर की घास के समान बनो, जो बढ़ने से पहिले ही सूख जाती है,
7 जो न काटनेवाले के हाथ भरता है, और न बोझ बनानेवाले के हाथ भरता है।
8 और कोई यहां से होकर जानेवाला न कहे, कि यहोवा की आशीष तुम पर हो; हम तुम्हें यहोवा के नाम से आशीष देते हैं!”
अतिरिक्त ऐप जानकारी
नवीनतम संस्करण 1.10 में नया क्या है
Last updated on Aug 9, 2023
इस वर्शन में मामूली बग फ़िक्स और सामान्य सुधार शामिल हैं। बेहतर अनुभव के लिए नवीनतम वर्शन पर अपडेट करें।
Salmo 129 स्क्रीनशॉट
Salmo 129 के पुराने संस्करण
सभी संस्करणसंबंधित टैग




